केरल रेप पीड़िता जिशा की कहानी – योनि को विक्षत कर दिया गया और पेट के अंगो को बाहर निकाल दिया गया

She was brutally murdered and sexually assaulted and still the public yet to roar

केरला रेप पीड़िता की दुष्कर्म के बाद निर्दयता से हत्या कर दी गयी

जिशा एरनाकुलम की एक तीस साल की कानून की छात्रा थी जिसकी 28 अप्रैल की शाम को 2 से 5 बजे के बीच हत्या कर दी गई। उसके साथ आरोपी ने निर्दयता से दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी और उसके सिर में भी गंभीर चोटें पाई गई। उसकी योनि को कई बार विक्षत किया गया और उसके पेट के अंगो को बाहर निकाल दिया गया। उसकी अंतिम सांस तक उस पर किसी नुकीली चीज़ से तब तक प्रहार किया गया जब तक उसकी मृत्यु नहीं हो गई। जब उसकी माँ काम से लौटी तो उसने उसके निर्जीव शरीर को फर्श पर पड़ा पाया।

इस क्रूर-हत्याकांड मे दिल्ली के निर्भया कांड जैसी समानता है, जहाँ एक 23 साल की युवती का गैंगरेप और क़त्ल कर दिया गया था। इस घटना ने पूरे राष्ट्र का ध्यान आकर्षित किया था और लोग अपना रोष प्रकट करने के लिए सड़कों पर उतर आये थे। जबकि जिशा केस मे, कई प्रादेशिक चैनल आगामी चुनावो को कवर करने में लगे हुए थे और पांच दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जैसे ही अपराध की खबर फैली लोगो ने अपना आक्रोश मीडिया के अपराध के खराब कवरेज और इस मामले की जांच में लगे अधिकारियों की धीमी छानबीन पर निकाला। धीरे-धीरे जनाक्रोश बढ़ने लगा और उन्होंने इसे सोशियल मीडिया पर हैशटैग #JustForJisha के साथ ला खड़ा कर दिया।

वो सातवाँ दिन था जब मुख्यमंत्री ओमान चांडी, राजेश्वरी से मिलने अस्पताल पहुंचे।

इस बात पर बहुत से सवाल और संदेह उठने लगे थे और लोगो की भृकुटियाँ तनने लगी थी कि न केवल इस घटना की सूचना देर से दी गई बल्कि पुलिस भी आरोपियों को दबोचने के लिए ढुलमुल रवैया अपना रही थी। जब भी देश में कोई रेप या हत्या की घटना होती है तो वो एक के बाद एक ख़बरों के रूप में मीडिया में छा जाती है। तो फिर जिशा मामले में इतनी देर क्यों हुई या फिर लोग इन आंकड़ो की प्रतीक्षा कर रहे थे कि भारत में रेप के बाद कितनी हत्याएं होती हैं। यहाँ वो चीज़ें हैं जिनका जिशा हत्याकांड के बारे में आपका जानना जरूरी है-

  • जिशा का संबंध एक गरीब परिवार से था और वो एक वकील बनना चाहती थी। इसलिए उसकी माँ ने उसे एरनाकुलम लॉ कॉलेज में पढ़ने के लिए भेजा।
  • जिशा अपनी माँ के साथ एक कमरे के मकान में रहती थी। उसके पिता कई साल पहले परिवार को छोड़ कर चले गए थे और तब से वो दोनों ही वहाँ रहती थी।
  • जिशा की माँ राजेश्वरी ने बताया कि पड़ोसियों के खराब व्यवहार से वो तंग आ चुकी थी। उनके पड़ोस के पुरुष जिशा के सामने यौन-प्रस्ताव रखते थे और न मानने पर उनके पानी के पाइपो को तोड़ देते थे और उनके घर पर पत्थर फेंकते थे।
  • राजेश्वरी ने उनके इस उत्पीड़न के बारे में कई बार पुलिस में शिकायत दर्ज करने की कोशिश की परंतु पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
  • उल्टा जब उनके पड़ोसियों से इसके बारे में पूछताछ की गई तो उन्होंने दावा किया कि जब भी कोई जिशा से बात करने की कोशिश करता था तो वो उसे जोर से पत्थर मारती थी और इसीलिए लोग उसकी सहायता करने नहीं गए जब हत्या की रात को वो दरवाजा तोड़ने की कोशिश कर रही थी।
  • जब मीडिया इस खबर को कवर करने में नाकाम रहा तो जिशा के दोस्तों और अध्यापकों ने इस वीभत्स हत्याकांड के बारे में लोगों को जागरूक किया।
  • जाँच अभी भी जारी है और पुलिस शव-परिक्षण रिपोर्ट का इंतज़ार कर रही है जिससे रेप की पुष्टि हो सके।

इस कहानी में कईं कमजोर कड़ियाँ हैं जो यहाँ-वहाँ बिखरी पड़ी हैं जबकि जिशा का कातिल बच निकला है।

सोशियल मीडिया पर लेख शेयर करना आनंददायक है पर इस बार इसे आनंद के लिए नहीं बल्कि न्याय के लिए शेयर किया गया है। इस लेख को जरूर शेयर करें जिससे देश के हर पुरुष और महिला को पता चले कि जिशा के साथ क्या हुआ था और मीडिया और सरकार अपने कर्तव्यों का पालन करने में निष्क्रिय और गैर-जिम्मेदार क्यों रहे।

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