प्यार क्या है? एक समलैंगिक (लेस्बियन) की डायरी से

What is Love? From a Lesbian’s diary

एक महिला के दूसरी महिला के प्रति प्यार में अलग क्या है? मैं कहूँगा कुछ नहीं…..

प्यार तो प्यार है जो किसी के भी साथ और किसी भी रूप में हो सकता है। प्यार वो चुनाव है जो किसी व्यक्ति को किसी भी उम्र और जीवन की किसी भी परिस्थिति में हो सकता है, जो भी उसे अच्छा लगे। समलैंगिक आपस में प्यार को बहुत सुविधाजनक मानते हैं, उनके इस विचार पर कोई सन्देह नहीं होना चाहिए कि वो ऐसा क्यों सोचते हैं क्योंकि ये उनका सामान्य अधिकार है। यदि आप एक समलैंगिक की डायरी पढ़ रहे हैं तो निश्चित रूप से आप ये जानना चाहोगे कि उनके इस रिश्ते के के क्या नियम हैं, उनकी भावनाओं की चरम सीमा क्या है, उनकी शांत-आक्रामक शैली, शक दूर करने वाली फ़ोन कॉल्स के बारे में या उनमे मर्दाना व्यवहार किसका होता है या किसी का नहीं। आइये इसे और नजदीक से समझते हैं।

प्रत्येक रिश्ते के कुछ नियम होते हैं – समलैंगिक महिलाओं के साथ भी ऐसा ही है। यें दो प्रेमी आपस में कुछ नियम तय करते हैं, उन्हें क्या करना है क्या नहीं, वो एक दूसरे से क्या उम्मीद रखते हैं, कोई भी धोखा ना दे, कोई तीसरा उनके बीच न आए, आपस में वो छेड़छाड़ हो जो एक दूसरेको नुक्सान न पहुंचाए। जब वो आपस में सुविधाजनक महसूस करती हैं तो इन बातों का वचन दिया जाता है। वो आपस में इन नियमों से बंधे रहने के लिए सहमत हो जाती हैं क्योंकि वो एक दूसरे से बहुत प्यार करती हैं और ये उनके प्यार के सम्मान को कायम रखने के लिए काफी है। आखिर एक महिला ही दूसरी महिला को बेहतर समझ सकती है।

हर चीज़ को सीमा से परे करना उनके जीवन का नियम बन जाता है, चाहे वो कुछ भी हो ड्रिंकिंग, हंसना, रोना, पुराने जोक्स याद करके हंसना, शॉपिंग, क्षमा माँगना, खाना बनाना है या नहीं आदि पुरुष- महिला के रिश्ते की तरह यें अपने को ज्यादा योग्य दिखने की कोशिश नहीं करतीं। वो एक दूसरे की बाहों में सुकून महसूस करती हैं क्योंकि वो जानती हैं कि उन्हें एक दुसरे से सेक्स की क्या आशाएं हैं। अपने दिन और रात का आनंद लेते हुए वो इन नियमो का प्राथमिकता के आधार पर पालन करती हैं। वें केवल इस बात पर पूरी शाम गुज़ार सकती हैं कि आज काम पर क्या हुआ या वो कैसे मिली या उन्हें कैसे मिलना चाहिए या एक के बाद एक ड्रिंक गटकते हुए ड्रंक सेक्स का आनंद ले सकती हैं या इसे करने के लिए रोना शुरू कर सकती हैं क्योंकि वो जानती हैं कि उनकी महिला साथी उन्हें बेहतर समझती हैं।

समलैंगिक अपने साथी का किसी दूसरे के साथ लगाव पसन्द नहीं करते वो हमेशा की तरह अपने साथी के लिए मोहक होते हैं बावजूद इसके कि उनके इस रिश्ते को कितना समय हो चूका है, वो जानती हैं कि बहुत से लोग उनके साथी के हाथ में हाथ डालने के अवसर की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वो चिल्ला सकते हैं, शोर मचा सकते हैं, एक दूसरे से झगड़ सकते हैं पर दिन के अंत में वो फैसला करते हैं कि उन्हें रात का खाना साथ ही खाना है।

इस रिश्ते में व्यक्ति-विशेष की कोई भूमिका नहीं है ये बहुत कुछ परिस्थितियों पर निर्भर करता है। जब एक रोता है दूसरा भी रोता है पर एक दूसरे के कंधो पर सिर रखकर। सेक्स टॉयज हमेशा कारगर नहीं होते पर वो सेक्स का आनंद थोडा बढ़ा सकते हैं। वें रोज़ाना सेक्स नहीं करती पर पर एक दूसरे की बाँहों में सोती जरूर हैं, यही तो प्यार है।

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